शौक़ की मोहब्बत

यह  मोहब्बत एक शौक़ तो है

फ़ुर्सत मिले तो कर लेंगे

किसी किताब के

पुराने पन्नों के बीच

सूखी हुयी गुलाब जैसे

वक़्त मिले तो पलट लेंगे

तेरी नींद की अंगदायियों के बीच

दो चार पल लेके

तेरी ज़िंदगी के किसी कोने में

हम भी ऐसे ही जी लेंगे

यह  मोहब्बत एक शौक़ तो है

फ़ुर्सत मिले तो कर लेंगे

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