Essay

शौक़ की मोहब्बत

यह  मोहब्बत एक शौक़ तो है

फ़ुर्सत मिले तो कर लेंगे

किसी किताब के

पुराने पन्नों के बीच

सूखी हुयी गुलाब जैसे

वक़्त मिले तो पलट लेंगे

तेरी नींद की अंगदायियों के बीच

दो चार पल लेके

तेरी ज़िंदगी के किसी कोने में

हम भी ऐसे ही जी लेंगे

यह  मोहब्बत एक शौक़ तो है

फ़ुर्सत मिले तो कर लेंगे

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